डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 94वीं जयंती के अवसर पर आज शहर सीरत-उन-नबी कमेटी रायपुर द्वारा शहर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 94वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई
भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न, प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 94वीं जयंती के अवसर पर आज शहर सीरत-उन-नबी कमेटी रायपुर द्वारा शहर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को पेन, पेंसिल, चॉकलेट एवं अन्य अध्ययन सामग्री उपहारस्वरूप भेंट की गई तथा उन्हें शिक्षा के महत्व और “क़लम की ताक़त” के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. कलाम के जीवन और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि —
“सपना वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपना वो है जो हमें सोने नहीं देता।” (डॉ. कलाम)
“शिक्षा ही वह ताक़त है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है और राष्ट्र को महान।”
कार्यक्रमों का आयोजन नूरानी स्कूल (पंडरी), इक़रा स्कूल (राजातालाब), अंजुमन स्कूल (शास्त्री बाज़ार), ग़रीब नवाज़ स्कूल (बैजनाथपारा), द सीड्स होलिस्टिक पब्लिक स्कूल (शास्त्री बाज़ार) तथा शहर के अन्य विद्यालयों में किया गया।
इस अवसर पर कमेटी द्वारा “मोहब्बत का तोहफ़ा” शीर्षक के अंतर्गत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्यारी याद में बच्चों को पेन, कॉपी, पेंसिल, चॉकलेट एवं अध्ययन संबंधित उपहार भेंट किए गए।
इस पहल के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि —
“Education is the most powerful weapon which you can use to change the world.”
(डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम)
शहर सीरत-उन-नबी कमेटी के सदर जनाब मोहम्मद सोहेल सेठी ने अपने संबोधन में कहा कि,
“डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का बच्चों से विशेष लगाव था। वे बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते थे और हमेशा कहा करते थे कि ‘अपने अंदर की ताक़त को पहचानो और उसी से देश को ऊँचाइयों पर पहुँचाओ।’”
इस अवसर पर कमेटी के पदाधिकारी — मोहम्मद सिराज, सबीहुद्दीन अहमद, शेख शकील,एजाज़ ख़ान (अज्जू), फ़िरोज़ ख़ान, अब्दुल नादिर ख़ान, मोहम्मद इसरार,शेख यूनुस अशरफ़ी, हाशिम ख़ान,गुड्डा सेठी,मोहम्मद सद्दाम,शफ़ीक़ ख़ान,ज़ियाउद्दीन एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को डॉ. कलाम के आदर्शों पर चलने एवं उनके सपनों को साकार करने का संदेश दिया गया।
यह जानकारी शहर सीरत-उन-नबी कमेटी रायपुर के मीडिया प्रभारी शेख़ शकील एवं अब्दुल नादिर ख़ान द्वारा दी गई।



