श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में आज वामन अवतार, राम अवतार, कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का सार बताया,

श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में आज वामन अवतार, राम अवतार, कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का सार बताया,
भागवताचार्य आदरणीय श्री ओम प्रकाश जोशी ने अपने मुखाग्र बृंद से कहा कि एक समय, असुर राजा बलि ने अपनी तपस्या और पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया गया और वे भगवान विष्णु से मदद मांगने गए। भगवान विष्णु ने वामन (बौने ब्राह्मण) का रूप धारण करके राजा बलि के पास दान मांगने गए। राजा बलि ने वामन को तीन पग भूमि दान में देने का वचन दिया। वामन ने अपना आकार बढ़ाया और दो पग में ही तीनों लोकों को नाप लिया। तीसरे पग के लिए जगह न होने पर, राजा बलि ने अपना सिर झुका दिया और वामन को तीसरा पग अपने सिर पर रखने को कहा। इस प्रकार, भगवान विष्णु ने राजा बलि को पराजित किया और देवताओं को उनका सम्मान वापस दिलाया,और आगे कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा द्वापर युग में मथुरा के कारागार से जुड़ी है, जहाँ कंस के अत्याचारों से पृथ्वी को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने देवकी और वासुदेव के आठवें संतान के रूप में जन्म लिया। कंस को एक आकाशवाणी से पता चला कि देवकी का आठवां पुत्र उसे मारेगा, इसलिए उसने देवकी और वासुदेव को जेल में बंद कर दिया और उनकी पहली छह संतानों को मार डाला। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आधी रात को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ और वासुदेव उन्हें गोकुल में नंद बाबा और यशोदा के घर सुरक्षित ले गए, जहाँ कृष्ण का पालन-पोषण हुआ।
इस अवसर पर मुरारका परिवार सभी सदस्य कथा का आनंद लेते हुए, इस अवसर पर गौरी शंकर अंगूरी अग्रवाल जी, पन्ना राज बंसल योगी राजश्री अग्रवाल राजकुमारी, स्वर्णभूमि से अशोक गोयल, अशोकमिशा,शारदा गोयल भाभी, शशि भाभी,आशा भाभी, शाहजी बिलासपुर सुनील भल्लू अग्रवाल ,चौधरी परिवार का पूरा परिवार मुंबई के शाह जी राजीव अग्रवाल का पूरा परिवार, तुसरा वाले शाह जी का पूरा परिवार, विष्णु अग्रवालजी, देवेंद्र जी, गणेश जी, ताराचंद जी, , योगेश अनीता अग्रवाल जी,दिव्यम अग्रवाल,ओम प्रकाश रायपुर से उपस्थित हुए ।



