युवा नेतृत्व और उद्योग–शिक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

यंग इंडियंस और एनआईटी रायपुर के बीच एमओयू, युवा नेतृत्व और उद्योग–शिक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
युवा नेतृत्व को सशक्त करने और उद्योग–शिक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में यंग इंडियंस (Yi) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के बीच 28 जनवरी 2026 को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू एनआईटी रायपुर के इनक्यूबेटर एनआईटी रायपुर रिसर्च एंड फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से किया गया।
यंग इंडियंस और एनआईटी रायपुर के बीच हुए इस एमओयू पर एनआईटी रायपुर की ओर से करियर डेवलपमेंट सेंटर (सीडीसी) के प्रमुख एवं एनआईटीआरआरएफआईई के बोर्ड डायरेक्टर प्रो. समीर बाजपेयी तथा यंग इंडियंस रायपुर चैप्टर की युवा चेयर सुश्री प्रियंका ग्वालानी ने हस्ताक्षर किए।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय जैन, यंग इंडियंस रायपुर के चेयर पंकज सोमानी एवं को-चेयर कवित पासरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही एनआईटी रायपुर के सहायक कुलसचिव पवन कटारिया एवं एफआईई की सीईओ मेधा सिंह भी मौजूद रहीं।
इस सहयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए नवाचार, उद्यमिता, नेतृत्व विकास और उद्योग से जुड़ाव का एक संरचित मंच तैयार करना है। इसके माध्यम से छात्रों को वास्तविक उद्योग चुनौतियों, नेतृत्व मंचों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जुड़े राष्ट्र निर्माण कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से नेतृत्व व्याख्यान, कार्यशालाएं, सेमिनार, मेंटरिंग कार्यक्रम, औद्योगिक संवाद और नवाचार चुनौतियों का आयोजन करेंगी। एनआईटी रायपुर के विद्यार्थी यंग इंडियंस–यूवा की विभिन्न विषयगत इकाइयों जैसे सुलभता, सड़क सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, उद्यमिता, नवाचार, शिक्षा और खेल में सक्रिय भागीदारी करेंगे।
इस साझेदारी के क्रियान्वयन और समन्वय की जिम्मेदारी एनआईटी रायपुर और एनआईटीआरआरएफआईई की संयुक्त टीम निभाएगी, जिसमें डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, पवन कटारिया, मेधा सिंह और सुनील देवांगन शामिल हैं।
यह एमओयू यंग इंडियंस और एनआईटी रायपुर की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत युवा नेतृत्व को सशक्त करने, उद्योग से जुड़ाव बढ़ाने और समावेशी एवं सतत राष्ट्रीय विकास में योगदान देने का लक्ष्य रखा गया है।



