15 वर्षों से अनवरत जारी है समाजसेवी कुबेर राठी द्वारा आयोजित शनिवार भण्डारा..

श्रद्धा और सेवा का संगम: 15 वर्षों से अनवरत जारी है समाजसेवी कुबेर राठी द्वारा आयोजित शनिवार भंडारा’
रायपुर। राजधानी के नर्मदापारा ,रेलवे स्टेशन स्थित प्राचीन सिद्ध सर्वधर्म संकटमोचन हनुमान मंदिर में भक्ति और सेवा की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिलती है। यहाँ पिछले 15 वर्षों (सन् 2009) से समाजसेवी कुबेर राठी एवं उनकी टीम द्वारा प्रत्येक शनिवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जो आज हज़ारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है।
इस भंडारे की सबसे विशेष बात इसकी निरंतरता और पवित्रता है। हर शनिवार सुबह से ही मंदिर प्रांगण में उत्साह का माहौल रहता है, जहाँ पूरी शुद्धता और सात्विक विधि से भोजन तैयार किया जाता है। कुबेर राठी जी के मार्गदर्शन में टीम के सदस्य सेवा भाव से जुटे रहते हैं ताकि मंदिर आने वाले किसी भी भक्त को खाली हाथ न लौटना पड़े।
भक्त मंदिर में तृप्त हो कर , घर के लिए भी ले जाते है प्रसादी
आमतौर पर भंडारों में केवल वहीं भोजन परोसने की परंपरा होती है, लेकिन यहाँ की व्यवस्था अनूठी है:
ससम्मान भोजन: भक्तों को मंदिर प्रांगण में बिठाकर बड़े ही प्रेम और सम्मान के साथ भरपेट भोजन कराया जाता है।
पोटली में स्नेह: जो भक्त अपने परिवार के लिए प्रसाद ले जाना चाहते हैं, उन्हें घर ले जाने हेतु भी भोजन उपलब्ध कराया जाता है। राठी जी का मानना है कि कोई भी भक्त भूखा न रहे और भगवान का प्रसाद हर घर तक पहुँचे।
निस्वार्थ सेवा की मिसाल
सन् 2009 से शुरू हुआ यह सफर आज भी बिना रुके जारी है। समाजसेवी कुबेर राठी बताते हैं कि हनुमान जी की कृपा और टीम के सहयोग से यह सेवा कार्य संभव हो पा रहा है। स्टेशन क्षेत्र होने के कारण यहाँ दूर-दराज से आने वाले यात्रियों और स्थानीय जरूरतमंदों को इस भंडारे से बड़ा संबल मिलता है।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है जो रायपुर की ‘दानवीर’ परंपरा को जीवंत रखे हुए है।
इस विषय में भंडारा समिति के संरक्षक समाजसेवी जानकी प्रसाद गुप्ता एवं सदस्य संतोष गुप्ता ने हमे जानकारी दी।
रिपोर्ट: किरण बघेल



